Aangaro ka ambar sa - (Pushpa 2)Song Hindi lyrics
Lyrics 👇
पत्थर है वो मुझे रोक टोक कहते हैं लोग पर मोम सा है मेरा जानू
नश्तर है वो यही दूर दूर गूंजे फितूर पर बादशाह है मेरा जानू हो कड़वी है बोली
दिल है रंगोली इसमें पत्थर क्यों लोग देखते हैं मुझको तो दिखता है इसने कोई सनम
अंगारों का अंबर सा लगता है मेरा सामी मेरी राहों में फूलों का रास्ता है मेरा सामी
आग देखी ताब देखी इसकी आंखों में सबने आब देखा ख्वाब देखा इसकी आंखों में हमने
इसके मूछों में बला के देखी है शान सबने पर इन्हीं मूछों के पीछे देखी मुस्कान हमने शेरों की अगर रफ़्तार हो उसकी
रहती है उस पे सबकी नजर सो जाए जब सर गोद में रखकर इसकी थकन तो श्री बल्ली को हो खबर
अंगारों का अंबर सा लगता है मेरा सामी मेरी राहों में फूलों का रास्ता है मेरा सामी हो
महंगे महंगे बांटे तौफे ये है इसके नवाबी
मुझसे डर डर के ये मांगे एक झप्पी
गुलाबी मसला कितना भी हो मुश्किल चुटकियों में कर ले हल
कुर्ता इसका ना मिले तो मांगे मुझसे ये पागल घर से अलग बाहर की दुनिया झुकते रहे इसके आगे
पर जब जब घर से निकले माथे पे तिलक मुझसे आके मांगे
अंगारों का अंबर सा लगता है मेरा सामी ऐसा घरवाला मिल जाए तो घर वाले महारानी

0 Comments